Mangal Dosh Kya Hota Hai | Manglik Dosha Ke Upay,Lakshan,Parihar,Nivaran

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ज्योतिष के अनुसार Mangal Dosh या Manglik Dosh वैवाहिक सुख के लिए हानिकारक माना गया है। लेकिन यह बात पूर्णरूप से सत्य नहीं है। हम बताना चाहते हैं, कि दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा या नहीं। इसके लिए अन्य कारक भी उत्तरदायी होते हैं। अतः यह कहना पूर्णतः सत्य नहीं है, कि मंगल दोष के कारण वैवाहिक जीवन में सुख का आभाव रहेगा।

Mangal Dosh Kya Hota Hai?

सामान्यतः जब जातक या जातिका की कुंडली में lagna से Mangal 1, 4, 7, 8 या 12 भाव में स्थित होता है, तभी Manglik Dosha बनता है।

कुछ विद्वान् इसे चंद्र लग्न, सूर्य लग्न और शुक्र लग्न से भी देखते हैं। सस्त्रोक मान्यता यह है कि भविष्य में आने वाली समस्याओ से बचने के लिए मंगल दोष की जाँच किसी अच्छे विशेषज्ञ से करा लेनी चाहिए व मंगली की शादी मंगली से ही करनी चाहिए। अतः इससे डरने की जरुरत बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि ठीक से समझ कर व बताए गए उपाय कर कर आप समस्याओ से काफी हद तक आप अपना बचाव कर सकते हैं।

क्या Mangal Dosh को 100% ख़त्म किया जा सकता है?

ऐसा नहीं है। dosh तो dosh होता है लेकिन पहले से जागरूकता बरतने से उसके प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है। अतः समय समय पर किसी अच्छे Astrologer का मार्ग दर्शन लेते रहें।

क्या Manglik की शादी Non Manglik से करने पर जीवन साथी की मृत्यु हो जाती है?

ये पूर्णतः गलत है, लेकिन कुंडली के अन्य dosh जैसे: कोई गंभीर बीमारी का योग हो, दुर्घटना का योग हो, आयु छीन होने का योग हो, तो किसी अन्य कारन से भी मृत्यु हो सकती है। अतः इन सभी बातों को जानने के लिए हमारे Astrologers से अपनी कुंडली चेक करा ले। आशा करते हैं। आपका जीवन खुशाली से गुजर जाएगा।

Mangal Dosh | Manglik Dosha के Upay व कारण जाने Hindi में।

Mangal Dosh Ke Prihar

  • यदि किसी की कुंडली में 1, 4, 7, 8, या 12 भावो में शनि, राहु या केतु स्थित हैं। तो मंगल का प्रभाव कम हो जाता है।
  • Mangal पर गुरु की पूर्ण द्रष्टि हो।
  • यदि लग्न में मंगल अपनी राशि मेष(Aries) या वृश्चिक(Scorpio) में या सप्तम में मकर(Capricorn) राशि में हो तो Manglik Dosh का कोई प्रभाव नहीं होता है।
  • यदि अस्टम में कर्क राशि का मंगल हो व 12वे भाव में धनु राशि का मंगल हो तो मंगल दोष मान्य नहीं होगा।
  • यदि मंगल अपनी मित्र राशि सिंह(Leo), कर्क, धनु, और मीन में हो तो कम प्रभावी होता है।
  • मंगल की गुरु या चंद्र से युति हो तो Mangal दोष मान्य नहीं है।
  • दोनों ही कुंडली में सामान भाव में मंगल हो तो नुकसान देह नहीं होता है।
  • 1, 4, 7 और 10 भाव में चन्द्रमा हो तो मंगल दोष दूर हो जाता है।

Mangal Dosh Nivaran Ke Upay

  • मंगल के नमो का जाप करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • Expert द्वारा अपनी कुंडली दिखा कर और विशेष उपाय जान ले।

Maha Mrityunjaya Mantra

 त्र्यम्बकं यजामहे 
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् 
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

Conclusion

अतः निष्कर्ष यह है, कि Mangal Dosh से परेशान होकर टेंशन लेते रहें या Expert से उपाय जानकर खुशाल रहें है यह आप पर निर्भर करता है।

Astrologer Yogendra

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