Jyotish Shastra एक Vidya व Gyan

Jyotish क्या है?

जाने Jyoitsh Shastra का सम्पूर्ण ज्ञान। Jyotish Jyoti + ish दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसमे ‘Jyoti‘ का मतलब ‘प्रकाश’ और ‘ish‘ का मतलब है ‘ईश्वर’। इसे हम ईश्वरीय संकेत कह सकते हैं।

जिस प्रकार ‘Sonography’ ‘X-Ray’ ‘CAT-Scan’ शरीर में होने वाली बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। उसी प्रकार Jyotish Shastra के माध्यम से जीवन में आने वाली परेशानियों का पता लगाया जा सकता है। देविया आराधना जप तप मंत्र व रत्नो द्वारा आपकी परेशानियों को ठीक किया जा सकता है। अतः हमें एक अच्छे Astrologer के मार्ग दर्शन की आवश्यकता होती है। वो ही हमें लाभ दिला सकते है।

Jyotish Gyan एक ऐसा Shastra या Science है। जो जन्म कालीन गृह और नक्षत्रो की स्थिति का गणितीय अध्यन करता है। इसका मूल आधार गणित है। आर्यभट्ट, भास्कराचार्य और बाराह मिहिर बहुत प्रसिद्ध ज्योतिषी हुए है।

ज्योतिष अंधविश्वास नहीं विज्ञान है।

Jyotish विज्ञान से बढ़कर पराविज्ञान है? कैसे हम बताते हैं? Jyotish Vidya गृह नक्षत्रो की Vidhya है। इसके तीन भाग हैं।

  1. सिद्धांत: जिसे ज्योतिषीय गड़ना कहा जा सकता है।
  2. सहिंता: जिसे समझ कर भविष्यवाणिया की जा सकती हैं।
  3. होरा: जिसमें जन्मकुंडली देख कर भविष्यवाणी की जाती है।

क्या आज Science के युग में ऐसी कोई पद्धति है। जो व्यक्ति के भूत भविष्य व वर्तमान की जानकारी दे सकती है। उत्तर मिलेगा नहीं। अतः हमारे पास मार्ग दर्शक के रूप में केवल Jyotish Shastra ही है। जो हमें रास्ता दिखा सकता है। ये हमारे पूर्वजो व ऋषियों की देन है और वेद का महत्वपूर्ण अंग है।

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भाग्य या किस्मत क्या है?

भाग्य का अर्थ है बिना परिश्रम किए सुख के साधन मिलना। ये संचित कर्म से बनता है। इस प्रकार मनुष्य कुछ कर्मो का फल इस जीवन में तथा शेष कर्मो का फल अगले जन्म में भोगता है। इसलिए मनुष्य यदि भाग्य को समझ कर कर्म करे तो हर प्रकार से सफल जीवन व्यतीत कर सकता है।

लोग प्रश्न करते हैं, कि मेरी तो किस्मत ही ख़राब है व मेरे कब और कैसे अच्छे दिन आएंगे। अर्थात अच्छा होने के लिए अच्छी किस्मत का होना जरुरी है। दूसरी तरफ बहुत सारे लोग किस्मत को स्वीकार नहीं करते और वह कहते हैं। जो कुछ भी मिलता है कर्म करने से मिलता है। वास्तव में देखा जाए तो दोनों ही बाते सही हैं।

कर्म चक्र वो चक्र है जिसमे मनुष्य कर्म करता है और कर्म का पूरा फल नहीं मिल पता है। जो शेष कर्म फल भविष्या के लिए संचित (इखट्टा) हो जाता है। क्योंकि उस समय उचित वातावरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए भविष्य में उस कर्म फल को उचित वातावरण मिलने पर कर्म फल वृक्ष बनकर अपना फल देने लगता है।

मानव जीवन में ज्योतिष की उपयोगिता।

Jyotish Shastra के द्वारा आप अपना जन्म, दिनांक, महीना, समय व स्थान (Date, Time and Place of Birth) की सही जानकारी देकर किसी अच्छे Astrologer से अपनी किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान जान सकते हैं। व जीवन में तरक्की कर सकते हैं।

क्या ज्योतिष शास्त्र से भाग्य सचमुच बदला जा सकता है?

इस प्रश्न का उत्तर सभी लोग जानना चाहते हैं। हर विज्ञान की कुछ सीमाए होती हैं। उतनी ही सीमाओं के बीच Jyotish Shastra पूरा खरा उतरता है। ज्योतिष आपका भाग्य नहीं बदल सकता। आपके कर्मो का क्या परिणाम होने वाला है समय से पहले यह बता सकता है। उसके उपाय बता सकता और इस तरह आप अपने कर्म की Planning में बदलाव कर सकते हैं। तो आने वाली समस्या से हम अपना बचाव कर सकते हैं और कह सकते हैं। हाँ सचमुच ज्योतिष से भाग्य को बदला भी जा सकता है। लेकिन इन सारी बातों को सामान्य पंडितो से नहीं जान सकते इसके लिए हमें एक अच्छे Expert की आवश्यकता है।

जब राजनीती विज्ञान हो सकता है। समाज विज्ञान हो सकता है। मन का भी मनोविज्ञान हो सकता है तो ज्योतिष विज्ञान क्यों नहीं हो सकता?

ज्योतिष और उसका प्रभाव।

Example: यदि आज चोट लगने से किसी की टांग टूटने की पूरी सम्भावना है। तो Jyotish Shastra आपको पहले से बता सकता है कि आप बहुत सावधानी और धीमी गति से चलें तो आप को बहुत कम चोट लगेगी और आपका कम से कम नुकसान होगा। अतः आपको इससे लाभ ही होगा।

Conclusion

आज हमने जाना Jyotish Shastra के बारे में। अतः इसका निष्कर्ष यह निकलता है कि Jyotish Vidya के माध्यम से हम जीवन में आने वाली सभी परेशानियों का पता लगा सकते है।

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