When Will I Get Child Birth Free Astrology Prediction? How Many Child Will I Have? Predict Child Birth From Horoscope

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Child Birth Astrology

सभी स्त्री व पुरुष विवाहो उपरांत संतान प्राप्ति के लिए कामना करते हैं। श्रष्टि को आगे बढ़ाने व वंश वृद्धि हेतु आवश्यक है। माता पिता संतान उत्पत्ति कर अपने आपको भाग्यशाली मानते हैं। शास्त्रों में काफी उल्लेख मिलते हैं कि संतान हीन व्यक्ति के पुण्य कर्म निष्फल हो जाते हैं। सामाजिक स्तर पर भी जिन लोगो के संतान नहीं होती वो अपने आपको भाग्य हीन समझने लगते हैं। अगर आपके जीवन में संतान को लेकर यदि कोई समस्या है। तो आप Child Birth Astrology का सहारा ले सकते हैं।

जिस प्रकार अगर हमारे संतान नहीं हो रही है। तो हम Medical Science का सहारा लेते हैं और काफी हद तक हमें सफलता भी मिलती है। लेकिन कभी-कभी देखा गया है। सारे Medical उपाय करने के बाद भी संतान उत्पत्ति में परेशानी होती है। उस स्थिति में Astrology ही अंतिम आशा की किरण दिखा सकता है। आप किसी अच्छे Child Birth Astrology Specialist से अपनी Horoscope का निदान कराएं व बताए गए उपाय करके अपने जीवन में खुशिया लौटा सकते हैं।

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Child Prediction by Astrology

Astrology के प्राचीन ग्रंथो में Child Predicton के बारे में बहुत कुछ बाते बताई गयी हैं। जिनमें से कुछ बातों का हम यहाँ उल्लेख करना चाहेंगे। जैस:

  • भाग्य में संतान सुख है या नहीं।
  • पुत्र होगा या पुत्री संतान सुख कब तक मिलेगा?
  • संतान कैसी होगी?
  • संतान सुख में कमी के उपाय।

उपरोक्त सभी जानकारी पति पत्नी दोनों की Date of Birth के माध्यम से आप हमारे Expert से सलाह ले कर जान सकते हैं।

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Delay in Child Birth Solution

जब कुंडली के पंचम भाव में ग्रहो की स्थिति ठीक नहीं होती, तो हमें संतान उत्पत्ति में भाधाओ का सामना करना पड़ता है। जैसे:

  • गर्भ धारण न होना।
  • बच्चे(Child) समय से पूर्व पैदा होना।
  • अपंग पैदा होना।
  • बहुत देरी से पैदा होना, इत्यादि।

पंचंम भाव से प्रथम संतान, सप्तम भाव से दूसरी संतान, नवम भाव से तीसरी संतान और इसी क्रम से अन्य सन्तानो का वर्णन ज्योतिष में बताया गया है।

How Many Child Will I Have? Astrology Prediction

उपरोक्त प्रश्न का सही उत्तर हमारी कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

  • जिसमे सूर्य, मंगल व गुरु के योग से होने वाली संतान पुरुष होगी।
  • शुक्र और चंद्र के योग से होने वाली संतान महिला होगी।
  • बुध और शनि नपुंशक गृह हैं। इसने कारन कभी-कभी नपुंशक संतान भी पैदा हो सकती हैं।

When Will I Get Child?

पति और पत्नी की कुंडली का निरिक्षण करने के बाद ही ये पता लगाया जा सकता है। कि जातक को संतान प्राप्ति के योग कब-कब बनने वाले हैं। उन्हीं के अनुसार हम Family Planning कर सकते हैं। व गलत समय को Avoid कर सकते हैं औरअपनी मनचाही मुराद पूरी कर सकते हैं। Expert द्वारा समय से पहले कुछ Remedies भी कर सकते हैं। जो हमारी इस समस्या को दूर करने में सहायक होंगी।

Remedies to Get Child Birth by Astrology

  • जन्म कुंडली से पता लग जाता है कि पूर्व जन्म के किन गलतियों के कारन हमें इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कौन-कौन से गृह इसके लिए उत्तरदायी हैं। उनके देवताओ का मंत्र जाप कर, दान कर, हवन कर, शांति पाठ कराकर व रत्न धारण कर कर। हम अपनी समस्या को दूर कर सकते हैं।
  • उपरोक्त समस्याओ का सामना हमें जीवन में ना करना पड़े इसके लिए सुरुवात में हम अपने Horoscope का Analysis करा लें। क्योंकि कभी-कभी या तो संतान उत्पत्ति का अच्छा समय निकल चुका होता हैं। या हम समय से पूर्व उपाय नहीं कर पाते। इसलिए, हमें कोई लाभ नहीं होता।
  • भारतीय धर्म शास्त्रों में मनचाही संतान प्राप्ति हेतु एक ज्योतिषीय आधार बताया गया है। जिसका वर्णन इस प्रकार है।

स्त्रियों के मासिक धर्म प्रारम्भ से सोलह रात्रि तक रितु काल कहा गया है। इसके अनुसार प्रथम चार रात्रि काल गर्भाधान के लिए निषेद बताए गए हैं। सेष बारह दिन उपयुक्त बताए गए हैं। व 6, 8, 12, 16 संयोग पुत्र सुख देने वाले व सेष 5, 7, 9, 11, 13, 15 संयोग से कन्या संतान की उत्पत्ति का उल्लेख बताया गया है। अतः आप भी उपरोक्त जिज्ञासाओं को जानना चाहते हैं। तो हमें तुरंत संपर्क करें।

Astrologer Yogendra
Contact Us: 9457518409, 955730790

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